सोशल मीडिया पर निबंध | Essay On Social Media In Hindi

Essay On Social Media In Hindi

इस आर्टिकल में हम सोशल मीडिया पर निबंध को विस्तार से समझेंगे, यह निबंध कक्षा 6, 7, 8, 9, 10, 11 और 12 में पढ़ रहे विद्यार्थियों के लिये काफी सहायक है। तो अगर आप क्लास 6 से 12 तक के किसी भी कक्षा के छात्र है तो, इस सोशल मीडिया पर निबंध को अवश्य पढ़े। यहा पर हम जो social media essay in hindi आपके साथ शेयर कर रहे है। उससे आपको काफी कुछ सिखने को मिलेगा, क्योकी इस निबंध में हम सोशल मीडिया जुड़े बहुत से महत्वपुर्ण प्रश्नों को समझेंगे जैसे की, सोशल मीडिया क्या है, सोशल मीडिया के लाभ और हानि क्या है, सोशल मीडिया के नुकसान क्या है, सोशल मीडिया के क्या फायदे हैं और सोशल मीडिया के प्रभाव आदि। इन सभी सवालों के जवाब आपको इस निबंध में विस्तार से मिल जायेंगे। तो अगर आप essay on social media in hindi को बिल्कुल अच्छे से समझना चाहते है तो, उसके लिये इस लेख को पुर अन्त तक जरुर पढ़े। तो चलिये अब हम सोशल मीडिया पर निबंध हिंदी में बिल्कुल संक्षेप में समझे।

सोशल मीडिया पर निबंध (Social Media Par Nibandh)

सोशल नेटवर्किंग साइट्स आज एक स्टेट्स सिम्बल का प्रतीक बन चुका है, जिसकी अच्छाइयाँ भी हैं और बुराइयाँ भी। यह निर्भर करता है, व्यक्ति की अपेक्षा पर। आज के वैश्वीकरण में सोशल मीडिया ने विश्व के लोगों को जोड़कर नए नागरिक को जन्म दिया है, जो स्वयं तो जागरूक है ही दूसरों को भी जागरूक कर रहे हैं। 

इसलिए 21 वीं सदी इण्टरनेट और वेब मीडिया के युग की शताब्दी मानी जा रही है। इस सन्दर्भ में सूचना प्रौद्योगिकी विशेषज्ञ सैम पित्रोदा ने ठीक ही कहा है, कि सूचना के आदान-प्रदान, जनमत तैयार करने, विभिन्न क्षेत्रों और संस्कृतियों को आपस में जोड़ने, भागीदार बनाने में यह साइट्स एक सशक्त और बेजोड़ उपकरण के रूप में तेजी से उभरी है। वर्तमान समय में सोशल मीडिया को सोशल साइट्स ने ही आधार प्रदान किया है जिसका अध्ययन महत्त्वपूर्ण है।


सोशल मीडिया क्या है (सोशल नेटवर्किंग साइट्स)

सोशल नेटवर्किंग साइट्स इण्टरनेट का एक अभिन्न हिस्सा है, जिसका उपयोग विश्व के अरबों लोगों द्वारा किया जाता है। यह एक ऑनलाइन मंच है, जो सार्वजनिक प्रोफाइल बनाने एवं वेबसाइट पर अन्य उपयोगकर्ताओं के साथ सहभागी करने की अनुमति देता है, फेसबुक, वाट्सअप, ट्विटर, गूगल प्लस, लिंक्डइन, माय स्पेस, पिंटररेस्ट, इंस्ट्राग्राम जैसी अन्य कई सोशल नेटवर्किंग साइट्स हैं, जिन्होंने विश्व को बाँध कर रखा हुआ है। 

फेसबुक विश्व में सबसे बड़ी सोशल नेटवर्किंग साइट है, जिसका उपयोग अरबों जनसंख्या करती है। इसकी स्थापना मार्क जुकरबर्ग ने वर्ष 2004 में की थी। ट्विटर भी लोकप्रिय साइट्स है, जिस पर भेजे गए सन्देश ट्वीट कहलाते हैं। इसकी शुरुआत वर्ष 2006 में हुई थी। गूगल इंक ने भी वीडियो शेयरिंग वेबसाइट के रूप में अधिक लोकप्रियता प्राप्त की है। इस प्रकार से वेब जाल का एक बड़ा नेटवर्क बन चुका है।

भारत में फेसबुक, ट्विटर जैसी साइटों पर अधिक उपयोगकर्ता हैं  आँकड़ों के अनुसार भारत में करीब 350 मिलियन सोशल मीडिया उपयोगकर्ता हैं, जिनकी संख्या वर्ष 2023 में बढ़कर 447 मिलियन होने की सम्भावना है। वर्ष 2019 की रिपोर्ट के अनुसार भारतीय उपयोगकर्ता औसतन 2.4 घण्टे सोशल मीडिया पर बिताते हैं, जबकि जापान में लोग सबसे कम 45 मिनट ही सोशल मीडिया पर बिताते हैं।

सोशल मीडिया के प्रभाव (सोशल मीडिया के नुकसान और फायदे)

सोशल मीडिया ने विभिन्न क्षेत्रों में लाभकारी सिद्ध होकर लोगों के मन मस्तिष्क पर व्यापक प्रभाव छोड़ा है। इसने न केवल बच्चे बल्कि शिक्षक, व्यवसायी, न्यूज पेपर, मीडिया चैनल आदि को प्रभावित किया है, जिसका परिणाम यह हुआ है, कि समाज में इसके सकारात्मक एवं नकारात्मक प्रभाव दोनों पड़े हैं, जिनका उल्लेख इस प्रकार है।

सोशल मीडिया का सकारात्मक प्रभाव (सोशल मीडिया के लाभ)

इसके माध्यम से जनजागरूकता को बढ़ावा मिलता है।
सोशल मीडिया के साथ ही कई प्रकार के रोजगार भी पैदा हुए है।
सोशल मीडिया एक विशाल नेटवर्क है, जो पूरे विश्व को जोड़कर रखने में सक्षम है।
लोगों को जोड़ने के साथ ही सोशल मीडिया शिक्षा एवं ज्ञान का भंडार भी है।
संचार का अच्छा माध्यम होने के साथ ही यह काफी तेजगति से सूचनाओं का आदान-प्रदान करता है।
सोशल मीडिया उन लोगों की आवाज बन सकता है जो समाज की मुख्य धारा से अलग है तथा जिनकी आवाज को दबाया जा रहा है।
ट्विटर और फेसबुक जैसी सोशल नेटवर्किंग साइट्स समाचार पत्रों और टी.वी. चैनल्स की न्यूज साइट्स को भी बड़ा प्लेटफार्म उपलब्ध करा रही है।
विभिन्न देशों के बीच अन्तर्राष्ट्रीय संबंधों को प्रभावित करने में भी सोशल मीडिया की प्रमुख भूमिका है जैसे भारत-चीन के बीच गलवान घाटी के मुद्दे को सोशल मीडिया द्वारा प्रचार-प्रसार करके चीन पर अन्तर्राष्ट्रीय दबाव बनाया गया।

सोशल मीडिया का नकारात्मक प्रभाव (सोशल मीडिया के हानि)

यह फेक न्यूज तथा हेट स्पीच (भड़काऊ भाषण) फैलाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
सोशल साइटों का ज्यादा प्रयोग मानव मस्तिष्क को नकारात्मक रूप से प्रभावित करता है, जिससे व्यक्ति की डिप्रेशन में जाने की सम्भावना हो सकती है।
सोशल मीडिया साइबर बुलिंग को बढ़ावा देता है।
सोशल मीडिया पर गोपनीयता की कमी होती है, साथ ही व्यक्ति का निजी डाटा चोरी होने का खतरा रहता है।
साइबर अपराध जैसे हैकिंग या फिशिंग में भी इन साइटों का योगदान पाया जाता है, जिससे खतरा बढ़ता है।
वर्तमान समय में इसके माध्यम से धोखाधड़ी का चलन भी काफी बढ़ा है, जैसे - सोशल मीडिया उपयोगकर्ता की तलाश कर फँसाना।
सोशल मीडिया का अत्यधिक प्रयोग मनुष्य के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को भी प्रभावित करता है।
यह प्राप्त जानकारी में बहुत बहुत सी जानकारियाँ भ्रामक भी होती हैं।
किसी भी जानकारी का स्वरूप बदलकर वह उकसावे वाली बनाई जा सकती है जिसका वास्तविकता से कोई लेना-देना नहीं होता है।
साइबर अपराध सोशल मीडिया से जुड़ी सबसे बड़ी समस्या है।
यह व्यक्ति की स्मरण शक्ति, सोचने की शक्ति, विश्वास की प्रवृत्ति आदि को कमजोर कर देता है।
सोशल मीडिया के अनियन्त्रित प्रयोग से सम्बन्धों में दूरियाँ बन रही है।
राजनीतिक पार्टियाँ सोशल मीडिया का गलत प्रयोग करती हैं।
यह अफवाह को फैलाकर, सामाजिक भाईचारा को कमजोर करता है तथा धार्मिक भेदभाव को बढ़ावा देता है।
इससे समाज में हिंसा को बढ़ावा दिया जा रहा है साथ ही व्यक्ति की सोच को भी नियन्त्रित किया जा रहा है।
वर्ष 2017-18 में फेसबुक, ट्विटर समेत कई साइटों पर 2245 आपत्तिजनक सामग्रियाँ पाई गई थीं, जिनमें से जून, 2018 तक 1662 सामग्रियों को हटा दिया गया था।
फेसबुक सबसे ज्यादा धार्मिक भावनाएँ और राष्ट्रीय प्रतीकों को अपमान का निषेध करने वाले कानूनों का उल्लंघन करता है।
वर्तमान में सामाजिक सौहार्द के सामने सोशल मीडिया एक चुनौती बनकर खड़ा है, जो अनेक भ्रांतियाँ फैलाता रहता है।
विश्व आर्थिक मंच ने भी अपनी जोखिम रिपोर्ट में माना है, कि सोशल मीडिया के जरिए झूठी सूचना का प्रसार उभरते जोखिमों में से एक है। ऐसे में इस पर रोक लगाने का प्रयास करना भी महत्त्वपूर्ण हो गया है।
आधुनिक समय में अश्लीलता एवं अभद्रता जैसी टिप्पणियों व सामग्रियों ने सोशल मीडिया की उपयोगिता पर ही सवाल खड़ा कर दिया है, जिसका प्रभाव युवा वर्ग पर पड़ रहा है।

निष्कर्ष

इस प्रकार सोशल मीडिया अर्थात् सोशल नेटवर्किंग साइटों की अनेक उपयोगिता है, जिसने अपनी उपयोगिता को साबित भी किया है। वहीं इसके नुकसान व दुरुपयोग इसकी विश्वसनीयता पर ही प्रश्नचिह्न खड़ा करते रहते हैं। सोशल मीडिया ने अभिव्यक्ति की स्वतन्त्रता के अधिकार को नया आयाम दिया है, जिसका प्रयोग कर व्यक्ति बिना डरे, अपनी बात को रख पाता है। 

इसके बावजूद इसके दुरुपयोग ने इसे विनियमन की आवश्यकता पर भी बल दिया है। अत: आवश्यक है, कि निजता के अधिकार का उल्लंघन किए बिना सोशल मीडिया के दुरुपयोग को रोकने के लिए सभी को मिलकर नए विकल्पों की खोज करनी चाहिए, ताकि भविष्य में भी इसके सम्भावित नुकसान व दुष्प्रभावों से बचा जा सके।

अंतिम शब्द

हमने यहा इस लेख के माध्यम से Social Media Par Nibandh को एकदम विस्तारपूर्वक से समझा। यह निबंध उन छात्रों के लिये काफी महत्वपुर्ण है जो, इस समय किसी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे है और अगर आप उन्हीं छात्रों में से है तो, इस सोशल मीडिया पर निबंध को आप जरुर अच्छे से पढ़े एवं समझे। इसके अलावा छात्र इस निबंध का प्रयोग अपने प्रोजेक्ट कार्य के लिये भी कर सकते है। इसी के साथ हम आशा करते है की आपको यह निबंध जरुर पसंद आया होगा और हमे उमीद है की, इस आर्टिकल की सहायता से आपको सोशल मीडिया पर निबंध कैसे लिखें अच्छे से समझ में आ गया होगा। अगर आपके मन में इस लेख से सम्बंधित कोई सवाल या सुझाव हो तो, आप नीचे कमेंट जरुर करे साथ ही इस लेख को आप अपने मित्रों के साथ शेयर भी जरुर करे।

अन्य निबंध पढ़े:-

0 Response to "सोशल मीडिया पर निबंध | Essay On Social Media In Hindi"

Post a Comment