व्याकरण किसे कहते है? परिभाषा और इसके प्रकार

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vyakaran kise kahate hain (व्याकरण किसे कहते है)

स्वागत है आपका gyankibook पर आज के आर्टिकल मे हम जानेंगे की vyakaran kise kahate hain अगर आपको व्याकरण के बारे मे विस्तार से जानकारी चाहिए तो इस पोस्ट को लास्ट तक पढते रहिए। इस आर्टिकल मे हम व्याकरण की परिभाषा, व्याकरण कितने प्रकार का होता है और व्याकरण किसे कहते है सब किछ के बारे मे बात करेंगे। तो चलिए जान लेते है की vyakaran kise kahate hain.


व्याकरण किसे कहते हैं

परिभाषा--- जिन्ह नियमो के अन्तर्गत किसी भाषा को शुद्ध बोलना लिखना एवं ठीक प्रकार से समझना आता है उन्हे ही हम व्याकरण कहते है अथवा  व्याकरण वह शास्त्र है, जिससे हमे भाषा का शुध्द ज्ञान होता है।

व्याकरण की जरूरत पड़ती है हमे भाषा के लिए वे विद्या जिसके माध्यम से किसी भाषा को शुध्द रुप मे पड़ते लिखते एवं समझते है उसी को व्याकरण कहते है।

व्याकरण एक ऐसी विद्या (कला) है जिसकी माध्यम से हम किसी भी भाषा का ज्ञान करते है जब हम किसी भाषा को लिखते है तब उस भाषा को लिखने के क्या नियम होने चाहिए। या जब हम कोई भाषा बोलते है तब उस भाषा को बोलने के सही नियम क्या होने चाहिए और यदि हम कोई भाषा को पढ़ते है तो उस भाषा को पढ़ने के सही नियम क्या होने चाहिए तो मतलब पढ़ने, लिखने, बोलने, या समझने के लिये हम जिन नियमो का प्रयोग करते है उन सभी नियम के रुप को ही हम व्याकरण कहते है।


व्याकरण के कितने प्रकार होते है

अब हम आपको बताते है की व्याकरण के कितने प्रकार होते है व्याकरण के मुल रुप से चार प्रकार होते है। व्याकरण के चार अंग होते है।

कही कही आपको किताबो मे व्याकरण के तिन ही अंग दिए होते है लेकिन व्याकरण के मुल रुप से चार अंग होते है । तो चलिए अब इन चारो को विस्तार मे देखते है।

1). वर्ण

उच्चारित ध्वनि संकटो को (वायु) ध्वनि कहा जाता है जबकी लिखित ध्वनि संकेतो को देवनागरी लिपि के अनुसार वर्ण कहा जाता है।  अथवा
वर्ण उस मूल ध्वनि को कहते हैं , जिसके खंड या टुकड़े नहीं हो सकते। जैसे -- अ , आ , इ , ई , ओ , क् , ख् , च् , छ् , य , र , ल आदि।

अब कुछ शब्द या ध्वनियाँ लें और उनमें निहित मूल ध्वनि (वर्ण) को समझें। जैसे -- 'खा लो।' 

इस वाक्य में मुख्यतः दो शब्द या ध्वनियाँ सुनायी पड़ती हैं --- 'खा' और 'लो'। अब इसका खंड करें 

खा (एक शब्द/ध्वनि) ख् + आ (दो मूल ध्वनियाँ/वर्ण) 
लो (एक शब्द/ध्वनि) ल् + ओ (दो मूल ध्वनियाँ/वर्ण)

स्पष्ट है कि -- ‘खा लो' में चार मूल ध्वनियाँ या चार वर्ण हैं, क्योंकि -- (ख्, आ) तथा (ल, ओ) के और टुकड़े या खंड नहीं हो सकते। 
इसलिए इन्हें वर्ण या मूल ध्वनि कहते हैं। इससे यह भी ज्ञात होता है कि -- “भाषा की सबसे छोटी इकाई को मूल ध्वनि या वर्ण कहते हैं।"  वर्ण की पुरी जानकारी...

2). शब्द

वर्णों या ध्वनियों के सार्थक मेल को शब्द कहते हैं। जैसे -- मैं, वह, राम, पटना, लोटा, पंकज आदि। शब्द की पूरी जानकारी...

3). पद

जब कोई शब्द किसी वाक्य में प्रयुक्त होता है, तो वही शब्द 'पद' कहलाता है। जैसे --
राम, आम -- संज्ञा शब्द।
खाता, है -- क्रिया शब्द।
राम आम खाता है।
(राम – कर्तापद ; आम — कर्मपद ; खाता है — क्रियापद) 

स्पष्ट है कि कोई शब्द तब तक शब्द है, जब तक वह वाक्य में प्रयुक्त नहीं हुआ है। ज्यों ही वह किसी वाक्य में प्रयुक्त हुआ, ‘पद' हो गया। पद की पूरी जानकारी...

4). वाक्य

सार्थक शब्दो का क्रमबद्ध समूह जिससे कोई भाव स्पष्ट हो, वाक्य कहलाता है। जैसे -- राम पुस्तक पढ़ता है।

इस वाक्य से एक भाव स्पष्ट हो जाता है की "राम पुस्तक पढ़ता है।" क्योंकि उपर्युक्त वाक्य के सभी शब्द सार्थक ही नही है, वरन् क्रमबद्ध रुप में सजे हुए भी है। यदि सभी पद (शब्द) क्रमबद्ध रुप में न हो, तो वाक्य अशुद्ध हो जाएगा, साथ ही अर्थ भी समझ में नही आयेगा। जैसे --
      पढ़ता पुस्तक है राम।
या,  है पुस्तक पढ़ता राम।
या,  राम पुस्तक है पढ़ता।

उपर्युक्त वाक्यों में प्रयुक्त सभी शब्द सार्थक है, लेकिन वाक्य-रचना की दृष्टि से सभी वाक्य अशुद्ध है। अशुद्धता का एक ही कारण है -- सभी शब्द (पद) क्रमबद्ध रुप में नही है, जिससे उनके अर्थ या भाव को समझने में कठिनाई होती है। वाक्य की पूरी जानकारी...

Conclusion (निष्कर्ष) --

आज के आर्टिकल मे हमने vyakaran kise kahate hain को बड़े ही विस्तार मे समझा और इसके कितने प्रकार होते है ये भी जाना । हमे उमीद है की आपको इस आर्टिकल से vyakaran kise kahate hain को समझने मे मदद मिली होगी। अगर आपको ये पोस्ट अच्छी लगी हो तो हमे comment करके जरुर बताए और इस पोस्ट को अपने मित्रो के साथ शेयर भी जरुर करे।

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