जल प्रदूषण क्या है? Water Pollution In Hindi

Water Pollution In Hindi

इस आर्टिकल में हम jal pradushan kya hai इसके बारे में विस्तार से जानेंगे। जल हमारे जीवन का एक बहुत ही महत्वपूर्ण हिस्सा है जल के बिना जीवन संभव नहीं। और ये जल प्रतिदिन प्रदूषित होती जा रही है जिसका हमारे दैनिक जीवन में काफी बुरा असर पड़ रहा है। हमे जल प्रदूषण पर अच्छे से गौर करना चाहिए और इसे रोकने का प्रयास करना चाहिए।

हम इस आर्टिकल में जल प्रदूषण से सम्बन्धित कई सवालों को विस्तार मे जानेंगे जैसे - जल प्रदूषण क्या है, जल प्रदूषण के करण, जल प्रदूषण का प्रभाव और जल प्रदूषण नियंत्रण के उपाय इन सभी सवालों के जवाब आपको इस आर्टिकल में विस्तारपूर्वक मिल जायेंगे इसलिए आप इसे अन्त तक पढ़ते रहिये। हमने वायु प्रदूषण के बारे में भी विस्तार में आर्टिकल लिखा है यदि आपने उसे नहीं पड़ा तो, इस आर्टिकल के बाद आप उसे भी एक बार जरुर पढ़े। तो चलिए अब हम water pollution in hindi को विस्तार में समझते है।

जल प्रदूषण क्या है (Water Pollution In Hindi)

हमारी पृथ्वी के तीन चौथाई भाग पर जल पाया जाता है। पृथ्वी पर पाया जाने वाला जल शुद्ध है क्योंकि शुद्ध जल में दो भाग हाइड्रोजन तथा एक भाग ऑक्सीजन होती है। भौतिक रासायनिक तथा जैवीय विशेषताओं में हानिकारक प्रभाव उत्पन्न करने वाले परिवर्तन को जल प्रदूषण (Water Pollution) कहते हैं।

जल प्रदूषण के कारण (jal pradushan ke karan)

जल प्रदूषण क्या होता है अभी हमने ऊपर अच्छे से देखा अब हम बात करते है जल प्रदूषण के करण के बारे में तो जल प्रदूषण के मुख्य रूप से दो कारण हैं

(1). प्राकृतिक कारण --- प्राकृतिक रूप से जल का प्रदूषण धीमी गति से होता है। प्राकृतिक स्रोतों का जल बहकर एकत्रित होता है। यदि उस स्थान पर खनिज की मात्रा अधिक है तो जल में घुलकर जल को दूषित कर देगा। इसके अति भूस्खलन, मृदा व ज्वालामुखी क्रिया के द्वारा भी जल प्रदूषण होता है।

(2). मानवीय कारण --- मानव द्वारा जल प्रदूषण निम्न प्रकार होता है -

1). घरों का गन्दा पानी जलीय स्रोतों से मिला देने पर जल प्रदूषण होता है।

2). कपड़े धोने में साबुन के प्रयोग आदि से निकला गन्दा पानी जल स्रोतों से मिलकर जल को दूषित करता है।

3). नगरीय क्षेत्रों का सीवेज जल भारी मात्रा में कूड़ा - करकट के साथ जल स्रोतों से मिलकर उसे प्रदूषित करता है।

4). कारखानों से निकलने वाला गन्दा जल भी जल स्रोतों से मिलकर उसे प्रदूषित करता है।

5). रेडियोएक्टिव पदार्थ भी जल को दूषित करते हैं।

6). तट से दूर गहरे महासागरों में भी तेल वाहक जहाजों से तेल रिसने व बिखरने से जल प्रदूषण होता है।

जल प्रदूषण का जीवों पर प्रभाव

दूषित जल में ऑक्सीजन की कमी तथा हाइड्रोजन गैस की वृद्धि हो जाती है। पानी में ऑक्सीजन की कमी से अनेक जीव-जन्तु मर जाते हैं या उनका पूरी तरह से विकास नहीं हो पाता है। किनारे के जल के दूषित होने पर अनेक जीव जन्तु समाप्त होते जा रहे हैं क्योंकि ये उस जल पर ही आश्रित होते हैं।

जल प्रदूषण का वनस्पतियों पर प्रभाव

दूषित जल में अनेक प्रकार के विषैले तत्व पाये जाते हैं जो दूषित मल के रूप में बने रहते हैं तथा पौधों में कवक तथा शैवाल के रूप में विषैले बैक्टीरिया का विकास करते हैं और वे पौधों, वनस्पतियों के विकास में बाधा उत्पन्न करते हैं। दूषित जल के कारण पौधों की भोजन प्रक्रिया (Photosynthesis) में भी बाधा उत्पन्न होती है जिससे तन्तुओं के छिद्र बन्द हो जाते हैं और पौधों की श्वसन क्रिया प्रभावित होती है। यदि दूषित जल तली में एकत्रित हो जाता है तो पौधों की जड़ें कमजोर हो जाती हैं जिसके कारण उनका पूर्ण विकास नहीं हो पाता।

जल प्रदूषण नियंत्रण के उपाय

जल प्रदूषण पर नियंत्रण पना हमारे लिये काफी महत्वपुर्ण है और अब हम जल प्रदूषण पर नियंत्रण के उपाय के तरीको के बारे में बात करेंगे। निम्न तरीके से जल प्रदूषण को नियन्त्रित किया जा सकता है

1). कारखानों से निकलने वाले अपशिष्ट पदार्थों को जलाशयों में न फेंका जाय।

2). कागज की लुग्दी, चमड़ा, चीनी तथा रासायनिक उद्योगों से निकलने वाले अपशिष्ट पदार्थों को संशोधित करके उपयोग में लाया जाय।

3). घरेलू उपयोग में आने वाले साबुन, डिटर्जेन्ट आदि को स्वच्छ जल के स्रोतों से दूर रखा जाय।

4). सीवरों से निकलने वाले अपशिष्ट पदार्थों को नदियों के जल में नहीं जाने देना चाहिए। इन पदार्थों का उपयोग उर्वरक खाद बनाने में करना चाहिए।

5). तेल टैंकरों का निर्माण इस तरह से करना चाहिए जिससे तेल का रिसाव न हो।

6). कृषि में उपयोग होने वाले कीटनाशक उर्वरक के प्रयोग के बाद सिंचाई करनी चाहिए जिससे यह बाहर न जा सके।

यहा हमने water pollution in hindi के बारे में विस्तार में जाना। जल प्रदूषण हमारे जीवन की काफी बड़ी समस्या है अगर हमे अपने आने वाले कल को बेहतर रुप से जीना है तो जल प्रदूषण को रोकना बेहद जरुरी है। और इसलिये इस आर्टिकल में हमने जल प्रदूषण नियंत्रण के उपाय भी आपके साथ शेयर किये है। हमे उमीद है इस आर्टिकल की सहायता से आपको जल प्रदूषण क्या है या water pollution in hindi को अच्छे से समझने में काफी मदद मिली होगी। अगर आपके मन में जल प्रदूषण से सम्बन्धित या कोई अन्य सवाल हो तो, आप हमें नीचे कमेंट में पुछ सकते है। और इस आर्टिकल को आप अपने सोशल मीडिया पर शेयर जरुर करे।

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